करोड़ों की राजस्व जमीन पर सामाजिक भवन को मंजूरी, गरीब की दुकान पर चला बुलडोजर—न्याय की मांग !
40 वर्षों से रोजी-रोटी चला रहे दुकान पर कार्रवाई, बिना पुनर्वास हटाए जाने से बढ़ा आक्रोश ।

भानुप्रतापपुर/ खिलेश्वर नेताम :- कांकेर जिला के नगर पंचायत भानुप्रतापपुर में प्रशासन के एक फैसले ने आम लोगों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये मूल्य की राजस्व भूमि पर सामाजिक भवन निर्माण के लिए मंजूरी दी गई है, वहीं दूसरी ओर लगभग 40 वर्षों से अपनी रोजी-रोटी चला रहे एक गरीब परिवार की दुकान पर बुलडोजर चलाकर उसे हटा दिया गया ।
इस कार्रवाई के बाद नगर के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन बड़े निर्माण कार्यों को लेकर उदार रवैया अपनाता है, जबकि गरीब और कमजोर वर्ग पर सख्ती दिखाई जाती है। लोगों का कहना है कि यदि राजस्व भूमि पर सामाजिक भवन के लिए अनुमति दी जा सकती है, तो वर्षों से बसे गरीबों के लिए भी पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

नगरीय प्रशासन ने करोड़ो के राजस्व जमीन पर भवन निर्माण के लिए दी मंजूरी
भानुप्रतापपुर को कांकेर जिला का सबसे ज्यादा राजस्व और विकसित वाला क्षेत्र माना जाता है और लगातार नगर अपने विकास पर है लेकिन नगरीय प्रशासन ने जिस जगह पर पिछड़ा वर्ग समाज को भवन निर्माण के लिए जमीन आबंटन किया है उसे नगर का हृदय स्थल भी माना जाता है और उस जमीन की कीमत लगभग करोड़ो रुपए हैं,जिससे आने वाले समय में नगर पंचायत को राजस्व हानि हो सकती है ।
पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार
पीड़ितों ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस जमीन पर लगभग 35- 40 वर्षों से छोटा सा दुकान संचालित कर अपना आजीविका चला रहे हैं,लेकिन यहां पर पिछड़ा वर्ग समाज को भवन निर्माण के लिए मंजूरी मिलने के बाद नगरीय प्रशासन द्वारा दुकान को हटाई जा रही है, जिससे आने वाले समय में आर्थिक संकटों से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर के पास भी गुहार लगाएं है,जिसके बाद यू के द्वारा आश्वास दिया गया है कि,दुकान संचालित करने के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी । लेकिन पीड़ितों की न्याय की मांग और बढ़ते जनदबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्रभावित परिवार को राहत दिलाने के लिए कौन से उपाय करते हैं।





