इसराइल मानवता के लिए धब्बा’ और ‘कैंसर राष्ट्र…. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री
इसराइल मानवता के लिए धब्बा' और 'कैंसर राष्ट्र.... पाकिस्तानी रक्षा मंत्री

इसराइल मानवता के लिए धब्बा’ और ‘कैंसर राष्ट्र…. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री
ख़्वाजा आसिफ़ के एक विवादित बयान पर इसराइल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इसराइल को ‘मानवता के लिए धब्बा’ और ‘कैंसर राष्ट्र’ जैसे शब्दों से संबोधित किया, जिसे इसराइल ने “शर्मनाक और निंदनीय” करार दिया। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से ही खराब रिश्तों में और तनाव बढ़ गया है। इसराइल ने साफ कहा कि इस तरह की भाषा न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह घृणा फैलाने वाली भी है। कूटनीतिक स्तर पर यह विवाद एक नए टकराव का संकेत दे रहा है। बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में शांति की कोशिशें जारी हैं। इससे स्थिति और जटिल हो गई है। दोनों देशों के बीच पहले से कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के बयान हालात को और बिगाड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे की चर्चा तेज हो गई है।
मध्यस्थता की भूमिका पर उठे सवाल
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की बैठक प्रस्तावित है। हालांकि, इसराइल ने पाकिस्तान की इस भूमिका पर असहजता जताई है। भारत में इसराइल के राजदूत ने भी कहा कि पाकिस्तान पर “भरोसा नहीं किया जा सकता।” यह बयान इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना देता है। पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी सवाल उठ रहे हैं। इसराइल को लगता है कि पाकिस्तान निष्पक्ष भूमिका निभाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है। यह स्थिति क्षेत्रीय राजनीति को और जटिल बना रही है। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग
ख़्वाजा आसिफ़ ने सोशल मीडिया मंच पर इसराइल के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसराइल ग़ज़ा और लेबनान में निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रहा है। इसके जवाब में डिगियन सार ने भी उसी मंच पर प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को “यहूदी-विरोधी” और “झूठे” बताया। उन्होंने कहा कि इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। यह जुबानी जंग अब डिजिटल मंचों से निकलकर वैश्विक कूटनीति का हिस्सा बन गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस तरह के बयान अक्सर बड़े प्रभाव छोड़ते हैं। यह विवाद आने वाले समय में और गहरा सकता है।





