मुम्बई- आस्था के नाम पर हैवानियत, अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ के बाद पालघर में एक और यौन शोषण कांड
मुम्बई- आस्था के नाम पर हैवानियत, अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ के बाद पालघर में एक और यौन शोषण कांड

मुम्बई। महाराष्ट्र में ढोंगी बाबाओं एक और नए खुलासों ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। एक ओर नासिक के हाई-प्रोफाइल अशोक खरात जो खुद को ‘भोंदू बाबा’ के काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ, वहीं दूसरी ओर पालघर से भी इसी तरह का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को भगवान शिव का अवतार बताने वाले एक व्यक्ति पर महिला के यौन शोषण और ब्लैकमेल करने का संगीन आरोप लगा है। दोनों मामलों ने आस्था की आड़ में चल रहे शोषण के खौफनाक नेटवर्क को उजागर किया है।
हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर से तथाकथित आरोपी 40 वर्षीय ऋषिकेश वैद्य पर पुणे की 35 वर्षीय महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए कथित आरोपी बाबा ने खुद को महादेव का अवतार बताते हुए उसे ‘पार्वती’ कहा और विश्वास में लिया। दिसंबर 2023 में मुलाकात के दौरान उसने कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी अपनी संस्था के जरिए कई अन्य महिलाओं को भी ऐसे ही जाल में फंसा चुका है। शिकायत के बाद मानिकपुर पुलिस ने जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच पुणे पुलिस को सौंप दी गई है।
इधर नासिक में अशोक खरात के मामले में एसआईटी और फॉरेंसिक टीम की जांच ने तेजी पकड़ ली है। खरात के कार्यालय को सील कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रिक उपकरण जब्त किए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि वह मनोवैज्ञान की विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों खासतौर पर महिलाओं का भरोसा जीतता था और पहले से जुटाई गई जानकारियों के आधार पर उन्हें भ्रमित करता था।
साथ ही इन मामलों में पीड़ित महिलाओं पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई पुलिस ने शुरू कर दी है। दोनों मामलों ने स्पष्ट किया है कि आस्था के नाम पर धोखाधड़ी और शोषण का यह खेल कितना संगठित और खतरनाक हो चुका है। ऐसे में पीड़ितों का आगे आना और शिकायत दर्ज कराना न केवल न्याय की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज को जागरूक करने की भी जरूरत है।





