IPS रतन लाल डांगी को सजा, और पीड़िता को न्याय दिलाने पुलिस परिवार कर रही आंदोलन की तैयारी – उज्जवल दीवान ।

रायपुर / खिलेश्वर नेताम :- विधानसभा का बजट सत्र लगातार गर्म होते नजर आ रहा है अफीम की खेती का मामला अभी शांत हुआ नही है कि फिर से आईपीएस रतन लाल डाँगी का विवाद सामने आ गया है पीड़िता ने इस बार न्याय पाने के लिए सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवँ परिवार कल्याण संघ का दरवाजा खटखटाया है और संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है उक्त पत्र में पीड़िता ने अपनी आप बीती बताई है और किस प्रकार उनका शारीरिक, आर्थिक, मानसिक शोषण किया गया है उसका उल्लेख किया है। पत्र प्राप्त होते ही संगठन के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने त्वरित कार्यवाही करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा जिसमें बताया गया है कि पीड़िता ने आई.जी.पी. रतन लाल डांगी के द्वारा किये गए शारीरिक, मानसिक, आर्थिक शोषण के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु दिनांक 15/10/2025 को पुलिस महानिदेशक के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें जांच हेतु समिति भी बनाई गई थी। उक्त समिति के द्वारा पीड़िता का बयान दिनांक 28/10/2025 तथा दिनांक 03/11/2025 को दर्ज किया गया है परन्तु अभी तक आई.जी.पी. रतन लाल डांगी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गई है। वर्तमान में आई.जी.पी. रतन लाल डांगी अपने पद तथा पहचान का उपयोग कर विभिन्न माध्यमों से पीड़िता पर शिकायत पत्र वापस लेने का दबाव बना रहे हैं जो कि गलत है। अगर राजपत्रित अधिकारी के स्थान पर यदि कोई तृतीय श्रेणी पुलिसकर्मी (आरक्षक से निरीक्षक) होता तो उसे अब तक एकतरफा कार्यवाही कर पुलिस विभाग के अधिकारी सजा दे चुके होते। आई.जी.पी. रतन लाल डांगी के खिलाफ इतने महीनों तक कोई कार्यवाही नही होना पुलिस विभाग में बड़े अधिकारी और छोटे कर्मचारी के बीच व्याप्त असमानता व भेदभाव को प्रदर्शित करता है तथा ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा भेदभाव पूर्ण जाँच करवाई जा रही है ताकि पीड़िता विलम्ब होने से परेशान होकर अपनी शिकायत वापस ले और आई.जी.पी. रतन लाल डांगी को बचाया जा सके। प्रकरण की गम्भीरता को समझते हुए एक महिला के साथ न्याय करते हुए महिला सम्बन्धी तथा आर्थिक अपराध करने वाले आई.जी.पी. रतन लाल डांगी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही कर सेवा से पृथक कर एफ.आई.आर. दर्ज करवाने लिखा है। उज्जवल दीवान ने कहा कि पीड़िता को न्याय देने हेतु यदि 7 दिनों में आईपीएस रतन लाल डाँगी के खिलाफ उचित कार्यवाही नही की जाएगी तब सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवँ परिवार कल्याण संघ पीड़िता को न्याय दिलाने आंदोलन का रास्ता अपनाएगा और विधानसभा जा कर अपनी बात रखेगा यदि पुलिस परिवार विधानसभा तक जाता है या जाने का प्रयास करता है तो जरूर ही विधानसभा का यह सत्र और गर्म नजर आएगा।





