हाईटेंशन टावर पर चढ़ी नाबालिग,‘लव प्रॉमिस’ पर खत्म हुआ हाई-वोल्टेज सीन
हाईटेंशन टावर पर चढ़ी नाबालिग,‘लव प्रॉमिस’ पर खत्म हुआ हाई-वोल्टेज सीन

हाईटेंशन टावर पर चढ़ी नाबालिग, 10 घंटे बाद ‘लव प्रॉमिस’ पर खत्म हुआ हाई-वोल्टेज सीन
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने फिल्मी कहानी को हकीकत में बदल दिया। शादी की जिद में एक नाबालिग लड़की 100 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई और करीब 10 घंटे तक पूरा इलाका सांस रोके खड़ा रहा। सोशल मीडिया पर इस घटना को ‘रियल लाइफ बसंती’ का नाम दिया जा रहा है।
महनार बना ड्रामा स्पॉट
यह पूरा घटनाक्रम महनार अनुमंडल के स्टेशन रोड इलाके का है, जहां देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था कुछ लोग चिंता में थे, तो कुछ इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे थे। लड़की टावर पर चढ़कर लगातार शादी की मांग करती रही। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय अधिकारी घंटों तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। हर गुजरते घंटे के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था। यह पूरा हाई-वोल्टेज सस्पेंस ट्रामा करीब 10 घंटे तक चला।
प्रशासन का ‘मास्टरस्ट्रोक’: बुलाया गया प्रेमी
स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया। डीएम वर्षा सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम को युवक की तलाश में भेजा गया। करीब 10 किलोमीटर दूर से प्रेमी को मौके पर लाया गया। जैसे ही युवक ने टावर के नीचे खड़े होकर शादी का भरोसा दिया, तब जाकर लड़की नीचे उतरने के लिए राजी हुई और इस ‘हाई-वोल्टेज लव ड्रामा’ का क्लाइमेक्स खत्म हुआ।
नाबालिग, जाति और परिवार का विरोध
बता दें प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों अलग-अलग जातियों से हैं- लड़की यादव समाज से और युवक ठाकुर समाज से। दोनों के नाबालिग होने और पारिवारिक विरोध के चलते शादी संभव नहीं थी, जिससे नाराज होकर लड़की ने यह खतरनाक कदम उठाया।
पुलिस को ‘इनसाइड प्लान’ का शक
मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब पुलिस को शक हुआ कि लड़की की बड़ी बहन इस पूरे घटनाक्रम में भूमिका निभा रही थी। आरोप है कि वह नीचे से मोबाइल के जरिए लगातार लड़की को निर्देश दे रही थी। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह पूरा मामला पहले से प्लान किया गया था। घंटों की मशक्कत के बाद लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और उसे उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल प्रेशर, कम उम्र में रिश्ते और डिजिटल इन्फ्लुएंस किस तरह युवाओं को खतरनाक फैसले लेने पर मजबूर कर रहे हैं।




