कूचबिहार रैली में योगी का भाषण, बंगाल विरासत और विपक्ष पर हमला
कूचबिहार रैली में योगी का भाषण, बंगाल विरासत और विपक्ष पर हमला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने माथाभांगा विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में वोट मांगे। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया और इसे स्वामी विवेकानंद की पवित्र भूमि बताया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने विश्व मंच पर भारत की पहचान को गौरव के साथ प्रस्तुत किया था।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ जैसा अमर नारा दिया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी। इसके साथ ही उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर को याद करते हुए कहा कि भारत का राष्ट्रगान भी इसी बंगाल की देन है और साहित्य के क्षेत्र में देश का पहला नोबेल पुरस्कार भी उन्हें ही मिला।
उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा आज भी युवाओं में जोश भर देता है। साथ ही उन्होंने खुदीराम बोस को याद करते हुए कहा कि वे भी इसी धरती के सपूत थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश में ‘दो विधान, दो निशान, दो प्रधान’ के खिलाफ संघर्ष किया और इसके लिए बलिदान दिया। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया है।
महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा डाली। उन्होंने यह भी कहा कि ये दल घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी करते हैं।
योगी ने आगे कहा कि राज्य में युवा बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के कार्यकाल में हजारों उद्योग बंद हो गए और लाखों युवाओं को रोजगार से हाथ धोना पड़ा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया पैसा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता।
अपने भाषण के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है और त्योहारों के दौरान बाधाएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने जनता से बदलाव की अपील करते हुए कहा कि राज्य में विकास और सुरक्षा के लिए सही निर्णय लेने का समय आ गया है।





