RCB से टक्कर में GT के सामने निरंतरता साबित करने की चुनौती
RCB से टक्कर में GT के सामने निरंतरता साबित करने की चुनौती

RCB से टक्कर में GT के सामने निरंतरता साबित करने की चुनौती
गुजरात टाइटंस को निरंतर प्रदर्शन की तलाश है और गुरुवार को उसे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। टूर्नामेंट अब आधे पड़ाव पर पहुंच चुका है और गुजरात की टीम अब तक आठ मैचों में चार जीत और चार हार के साथ संतुलन बनाए हुए है। टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए लगातार जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी ओर आरसीबी शानदार फॉर्म में है। उसने आठ में से छह मुकाबले जीतकर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बना ली है। मौजूदा लय को देखते हुए आरसीबी का आत्मविश्वास भी काफी ऊंचा है।
आरसीबी की सफलता में उसके तेज गेंदबाजों की बड़ी भूमिका रही है। भुवनेश्वर कुमार अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं। वहीं जोश हेजलवुड ने सटीक लाइन और लेंथ से विरोधी टीमों पर दबाव बनाया है। उनकी गेंदें अक्सर बल्ले का किनारा लेने में सफल रहती हैं। बीच के ओवरों में क्रुणाल पांड्या भी अपनी विविधता से रन रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन तीनों गेंदबाजों का सामना करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं है।
दोनों टीमों के बीच हाल ही में खेले गए मुकाबले में आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने 206 रन का लक्ष्य सात गेंद शेष रहते हासिल कर लिया था। यह मैच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था। गुजरात टाइटंस अपने घरेलू मैदान नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर अब तक दबदबा नहीं बना पाई है। टीम ने यहां खेले तीन में से दो मैच गंवाए हैं। ऐसे में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना उनके लिए बेहद जरूरी होगा।
आरसीबी की बल्लेबाजी में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। फिल साल्ट की चोट के कारण जैकब बेथेल को मौका मिला, लेकिन वह अब तक खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। हालांकि बेथेल एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने टी-20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस मैच में वह विराट कोहली के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। गुजरात को उन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।
दिल्ली के खिलाफ बड़ी जीत के बाद आरसीबी का मनोबल काफी ऊंचा है। टीम के कप्तान रजत पाटीदार ने भी कहा कि टीम फिलहाल एक-एक मैच पर ध्यान दे रही है। उनके मुताबिक टूर्नामेंट अभी लंबा है और निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। टीम के अलग-अलग खिलाड़ी समय-समय पर योगदान दे रहे हैं। यही संतुलन आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। आने वाले मुकाबलों में भी टीम इसी रणनीति के साथ उतरना चाहेगी।





