निफ्टी में उछाल बरकरार रखने की चुनौती, ऊपरी स्तरों पर दबाव से बाजार सतर्क
निफ्टी में उछाल बरकरार रखने की चुनौती, ऊपरी स्तरों पर दबाव से बाजार सतर्क

निफ्टी में उछाल बरकरार रखने की चुनौती, ऊपरी स्तरों पर दबाव से बाजार सतर्क
30 अप्रैल को Nifty 50 ने ऊपरी स्तरों पर दबाव झेलने के बावजूद मजबूत वापसी की और करीब 0.80% की बढ़त के साथ खुला। हालांकि यह तेजी फिलहाल स्थिर नहीं मानी जा रही है। आने वाले सत्रों में इस बढ़त को बनाए रखने के लिए इंडेक्स को और मजबूत सपोर्ट की जरूरत होगी। पिछले कुछ दिनों में बाजार की चाल उतार-चढ़ाव भरी रही है। निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। टेक्निकल संकेतक भी पूरी तरह तेजी के पक्ष में नहीं दिख रहे। ऐसे में बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इंडेक्स लगातार पिछले पांच सत्रों में 50-डे EMA के ऊपर टिकने में असफल रहा है। यह एक अहम संकेत है कि ऊपर के स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। जब तक यह इस स्तर के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक मजबूत रैली की उम्मीद सीमित रहेगी। बाजार में फिलहाल कंसोलिडेशन का चरण जारी रह सकता है। निवेशक छोटे-छोटे दायरे में ट्रेडिंग करते नजर आ सकते हैं। इससे स्पष्ट है कि तेजी को मजबूती मिलने में अभी समय लग सकता है।
वैश्विक कारकों का भी बाजार पर असर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे चिंता बढ़ी है। इसके पीछे डोनाल्ड ट्रंप का होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रुख बताया जा रहा है। जब तक ईरान परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक तनाव बना रह सकता है। इस तरह के भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा Federal Reserve की बैठक से पहले भी निवेशकों ने सतर्कता बरती। हालांकि फेड ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
टेक्निकल स्तरों की बात करें तो निफ्टी को 24,500–24,600 के दायरे तक जाने के लिए पहले 24,350 के ऊपर टिकना जरूरी है। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक तेजी सीमित रह सकती है। नीचे की ओर 24,000–23,950 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह जोन टूटता है, तो इंडेक्स 23,800 तक फिसल सकता है। बाजार विशेषज्ञ भी फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। ट्रेडर्स को स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।
चार्ट पैटर्न की बात करें तो डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनी है, जिसमें अपर शैडो नजर आई। यह दर्शाता है कि ऊपरी स्तरों पर दबाव के बावजूद खरीदारी बनी हुई है। इंडेक्स 10 और 20 दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ है, जो एक सकारात्मक संकेत है। साथ ही यह 23.6% फाइबोनाची रिट्रेसमेंट के ऊपर भी बना रहा। हालांकि 50-डे EMA और 50% फाइबोनाची स्तर के ऊपर टिकने में नाकाम रहा। Relative Strength Index 53.19 तक पहुंचा लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे है। MACD पॉजिटिव जोन में है, मगर इसकी ताकत धीरे-धीरे कमजोर पड़ती दिख रही है।





