झाड़ग्राम में पीएम मोदी का ‘झालमुड़ी मोमेंट’: साधारण ठेले से उठा 22 साल का डिजिटल ट्रेंड
झाड़ग्राम में पीएम मोदी का ‘झालमुड़ी मोमेंट’: साधारण ठेले से उठा 22 साल का डिजिटल ट्रेंड

झाड़ग्राम में पीएम मोदी का ‘झालमुड़ी मोमेंट’: साधारण ठेले से उठा 22 साल का डिजिटल ट्रेंड
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवाकर झालमुड़ी खाने का फैसला किया। यह घटना झाड़ग्राम जिले में चुनाव प्रचार के दौरान हुई। झालमुड़ी, जो मुरमुरे, मसालों और हरी मिर्च से बनने वाला लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट स्नैक है, वहां की खास पहचान मानी जाती है। प्रधानमंत्री एक साधारण दुकान पर पहुंचे और आम लोगों की तरह इस चटपटी डिश का आनंद लिया। उनके इस कदम ने स्थानीय लोगों को भी उत्साहित कर दिया। राजनीतिक कार्यक्रम के बीच इस तरह का सहज व्यवहार लोगों को काफी पसंद आया। यह घटना देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गई।
प्रधानमंत्री ने बाद में इस दौरे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि रविवार का दिन बेहद व्यस्त रहा, जिसमें उन्होंने पूरे राज्य में चार जनसभाएं कीं। इसी व्यस्तता के बीच उन्होंने झाड़ग्राम में रुककर झालमुड़ी का स्वाद लिया। उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रियता हासिल की। लोग इस सरल और जमीन से जुड़े अंदाज की सराहना करने लगे। कई यूजर्स ने इसे जनता से जुड़ाव का उदाहरण बताया। यह पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो गया।
इस घटना का असर इंटरनेट पर भी साफ दिखाई दिया, खासकर Google Search पर। ‘झालमुड़ी’ शब्द की खोज अचानक बढ़ गई और यह 22 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। एक यूजर समीर ने सर्च ट्रेंड का डेटा साझा करते हुए बताया कि 2004 के बाद पहली बार ऐसा उछाल देखने को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ ट्रेंड फॉलो नहीं करते, बल्कि खुद एक ट्रेंड बन जाते हैं। इस घटना ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी हलचल मचा दी। लोग इस स्नैक के बारे में जानने और देखने लगे। यह एक साधारण घटना से बड़ा डिजिटल ट्रेंड बन गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram और Facebook पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ से अधिक बार देखा गया। वहीं फेसबुक पर भी इसे करीब 9 करोड़ व्यूज मिले। वीडियो में प्रधानमंत्री को बच्चों के साथ झालमुड़ी साझा करते और खुद खाते हुए देखा गया। इस दृश्य ने लोगों के दिलों को छू लिया। आम जनता के साथ उनका यह जुड़ाव काफी सराहा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित क्लिप्स में शामिल हो गया।
झाड़ग्राम में विक्रम साह की दुकान पर पहुंचकर प्रधानमंत्री ने सीधे उनसे झालमुड़ी बनाने को कहा। उन्होंने सहजता से पूछा कि अच्छे वाला झालमुड़ी कितने का है, जिस पर दुकानदार ने 10 और 20 रुपये का विकल्प बताया। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि जो भी अच्छा हो बना दीजिए। जब दुकानदार ने पैसे लेने से मना किया तो उन्होंने खुद 10 रुपये देकर भुगतान किया। बातचीत के दौरान जब प्याज खाने का सवाल आया तो उन्होंने मजाक में कहा कि “सब खाते हैं, बस दिमाग नहीं खाते।” इस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े। इस पूरे घटनाक्रम ने माहौल को हल्का और यादगार बना दिया।





