कांकेर के दो जांबाज पुलिस अधिकारी राष्ट्रपति के हाथों होंगे शौर्य चक्र से सम्मानित, नक्सल उन्मूलन में अहम भूमिका ।
कई बड़े अभियानों में साहस और रणनीति का परिचय, नक्सल विरोधी अभियान में उल्लेखनीय योगदान

कांकेर /खिलेश्वर नेताम :- कांकेर जिला में पदस्थ दो धुरंधर (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट) थाना प्रभारियों को नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति के हाथों 8 जून 2026 को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाया है। जिसमें भानुप्रतापपुर थाना से थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर थाना से लक्ष्मण केंवट का नाम शामिल है ।

जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को कांकेर जिला मुख्यालय से 160 किलोमीटर दूर छोटे बेठिया थाना इलाके के आपाटोला-कलपर जंगल में पुलिस-नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 15 महिला समेत कुल 29 नक्सली मारे गए थे,जिन पर 8- 8 लाख रूपए का ईनाम घोषित था, इन दोनों थाना प्रभारियों ने अपने साथियों के साथ अपने साहस का परिचय देते हुए 29 नक्सलियों को ढेर कर दिया था ।
दरअसल, 15 अप्रैल की देर रात जवानों को नक्सल ऑपरेशन के लिए निकाला गया था। 16 अप्रैल की दोपहर पुलिस फोर्स नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंची। दोपहर 2 बजे नक्सलियों को घेर कर मारा गया। साढ़े 5 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जवानों ने कुल 29 नक्सलियों को मार गिराया। यह छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा एनकाउंटर था।
घटना स्थल से ये हथियार हुए थे बरामद
घटनास्थल से सर्चिंग करने पर पुलिस ने AK-47 1 नग, इंसास रायफल- 2 नग, SLR रायफल- 1 नग, कार्बाइन- 1 नग, 303 रायफल- 3 नग, 315 बोर रायफल- 2 नग, 9MM पिस्टल- 2 नग, देशी लॉचर- 2 नग, भरमार बंदूक 8 नग, देसी हैंडग्रेनेड- 1 नग, सहित भारी मात्रा में गोला बारूद समेत अन्य सामान बरामद किए गए थे ।
राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान से कांकेर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। पुलिस विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए दोनों अधिकारियों को बधाई शुभकामनाएं दी है।





