उधमपुर बस हादसा: 15 लोगों की मौत से मचा कोहराम, राहत-बचाव जारी
उधमपुर बस हादसा: 15 लोगों की मौत से मचा कोहराम, राहत-बचाव जारी

उधमपुर बस हादसा: 15 लोगों की मौत से मचा कोहराम, राहत-बचाव जारी
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र के कघोट इलाके में एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 15 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुट गए। घायलों को मलबे से निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। रास्ते में कघोट इलाके के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। दुर्घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि सड़क की खराब स्थिति या ड्राइवर की चूक इसकी वजह हो सकती है। स्थानीय प्रशासन द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर से बातचीत की और हादसे की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि यह दुर्घटना कनोट गांव के पास हुई है और यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। प्रशासन हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा हुआ है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इस हादसे में हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम से भी लगातार संपर्क बनाए रखा है, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की कमी न रहे।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना की। इसके अलावा उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी घायलों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके। सरकार द्वारा इस हादसे पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।





