काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की पूजा
काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की पूजा

काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना और दर्शन किए। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भर गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार लगातार गूंज रहा था। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद थे और “हर हर महादेव” तथा “जय श्री राम” के जयकारों से माहौल और भी भक्तिमय हो गया। प्रधानमंत्री ने लोगों का अभिवादन हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर स्वीकार किया। मंदिर में पुजारियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और डमरू वादन भी किया गया। पीएम मोदी ने सभी पुजारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा संपन्न की। इस दौरान उन्होंने बाबा विश्वनाथ का अभिषेक कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरा दृश्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर संगम नजर आया।
दर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम से बाहर आए, जहां भारी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए मौजूद थे। भीड़ के बीच उन्होंने विशेष रूप से बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की, जिससे माहौल और अधिक आत्मीय बन गया। मंदिर परिसर में उत्साह और सुरक्षा के बीच लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। इसके बाद उनका काफिला शहर में प्रस्तावित मेगा रोड शो की ओर रवाना होने की तैयारी में था। वाराणसी के कई इलाकों में स्वागत द्वार और सजावट की गई थी, जिससे पूरा शहर उत्सव जैसा दिखाई दे रहा था। लोग सड़कों पर खड़े होकर उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित थे। यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भरा हुआ दिखाई दिया।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम विकास परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें वे हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए रवाना होंगे। यह दौरा धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास को भी दर्शाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा के बाद उनका अगला कदम इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। पूरे वाराणसी में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। स्थानीय लोगों में उनके दौरे को लेकर काफी उत्साह और गर्व देखने को मिला। यह यात्रा धार्मिक आस्था और विकास कार्यों का संतुलित मिश्रण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री का यह दौरा राज्य और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
]





