जन सहयोग संस्था और उत्साही श्रमवीरों के द्वारा कांकेर के दूध नदी में स्वच्छता अभियान लगातार जारी..!
कम उपस्थिति के बाद भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे - अजय पप्पू मोटवानी ।

कांकेर/खिलेश्वर नेताम:– कांकेर शहर की जीवन रेखा मातृ स्वरूपा नदी की सफाई का अभियान इस शनिवार को उत्साही श्रमवीरों की कमी के बावजूद निर्धारित समय तक चला और कई ट्राली कचरा नदी के तल एवं तट से निकालकर नगर पालिका की गाड़ियों के अभाव में उसका वहीं निष्पादन किया गया। जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने आशा व्यक्त की है कि रविवार को उपस्थिति अच्छी रहेगी तथा पुलिस प्रशासन एवं शासकीय विभागों का सहयोग भी अधिक से अधिक मिल सकेगा। अध्यक्ष ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि आसपास के रहने वालों तथा दुकानदारों ने कचरा नदी में न डालने की उनकी अपील पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दिया है, इसलिए एक सप्ताह में ही बहुत अधिक कचरा नदी में दिखाई दिया है। अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि दूध नदी इस जिले की जीवन रेखा तो है ही , इसका सर्वाधिक प्रभाव किनारे पर रहने वाले तथा व्यापार करने वाले लोगों पर ही पड़ता है । यदि वही ध्यान नहीं देंगे तो दूध नदी कैसे साफ हो सकेगी? ऐसा लगता है कि इनमें कुछ शरारती तत्व हैं तथा कुछ ऐसे भी हैं जो क़ानून की परवाह नहीं करते। इन पर इन पर जब क़ानून का मज़बूत डंडा चलेगा, तो निश्चित सुधार आएगा ।

यह क़ानूनी शक्ति हमारे पास नहीं बल्कि नगर पालिका के पास है। आज के स्वच्छता अभियान में “जन सहयोग” के सदस्यों के साथ अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों ने भी कंधे से कंधा मिलकर श्रमदान किया। “जन सहयोग ” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा अन्य लोगों के नाम इस प्रकार हैं:– धर्मेंद्र देव, भूतपूर्व सैनिक टी के जैन ,सूबेदार अरविंद यादव ,प्रवीण गुप्ता, राजेश चौहान, शैलेंद्र देहारी, डॉक्टर श्याम देव, आशुतोष देव, सागर देव, दीपक देहारी ,जितेंद्र प्रताप देव इत्यादि उत्साही नौजवान समाज सेवकों ने श्रमदान में खूब पसीना बहाया , जिसकी प्रशंसा सारी बस्ती में की जा रही है ।





