27 अप्रैल का IPO मुकाबला: Adisoft Tech बंद, Amba Auto खुला—कहां लगाएं पैसा?
27 अप्रैल का IPO मुकाबला: Adisoft Tech बंद, Amba Auto खुला—कहां लगाएं पैसा?

27 अप्रैल का IPO मुकाबला: Adisoft Tech बंद, Amba Auto खुला—कहां लगाएं पैसा?
27 अप्रैल आईपीओ निवेशकों के लिए एक बेहद अहम दिन बनकर सामने आया है, क्योंकि इस दिन एक तरफ Adisoft Tech का आईपीओ बंद होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ Amba Auto का नया आईपीओ खुलने वाला है। ऐसे में निवेशकों के सामने यह बड़ा सवाल है कि किस इश्यू में पैसा लगाया जाए। ग्रे मार्केट के संकेतों पर नजर डालें तो आदिसॉफ्ट टेक के शेयर फिलहाल अपने अपर प्राइस बैंड से करीब ₹15 यानी लगभग 8.72% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। दूसरी ओर अंबा ऑटो के लिए ग्रे मार्केट में अभी कोई खास हलचल देखने को नहीं मिल रही है। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर फैसला लेना समझदारी नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, ग्रोथ और बिजनेस मॉडल को ध्यान से समझना ज्यादा जरूरी होता है।
आदिसॉफ्ट टेक के बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह कंपनी इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सॉल्यूशंस प्रदान करती है, जो फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल प्रोसेस को डिजिटल तकनीक और कंट्रोल सिस्टम के जरिए ऑटोमेट करने में मदद करती है। इसका मकसद मैनुअल काम को कम करना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना है। कंपनी शॉप फ्लोर इक्विपमेंट्स को आईटी सिस्टम के साथ जोड़कर काम करती है, जिससे इंडस्ट्रीज को स्मार्ट ऑपरेशन में मदद मिलती है। ₹74 करोड़ के इस आईपीओ को 23 अप्रैल को लॉन्च किया गया था और 27 अप्रैल तक इसमें निवेश का मौका है। इसका प्राइस बैंड ₹163 से ₹172 रखा गया है और एक लॉट में 800 शेयर शामिल हैं। अब तक इस इश्यू को 3.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है, जिसमें रिटेल निवेशकों का हिस्सा भी अच्छी तरह भरा है। यह संकेत देता है कि निवेशकों की इसमें अच्छी रुचि है।
कंपनी के फाइनेंशियल प्रदर्शन पर नजर डालें तो आदिसॉफ्ट टेक ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत ग्रोथ दिखाई है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹6.08 करोड़ था, जो 2024 में बढ़कर ₹11.76 करोड़ और 2025 में ₹16.11 करोड़ तक पहुंच गया। इसी तरह कंपनी की कुल आय भी तेजी से बढ़ी है और 32% से ज्यादा की CAGR से बढ़कर ₹133.02 करोड़ तक पहुंच चुकी है। आईपीओ से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने और वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में करेगी। इससे कंपनी के भविष्य के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में मुनाफे में थोड़ी नरमी जरूर देखने को मिली है, जिसे निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए।
अब बात करें अंबा ऑटो की, तो इसका आईपीओ 27 अप्रैल से 29 अप्रैल तक खुला रहेगा। कंपनी ₹65 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है और इसके लिए ₹130 से ₹135 का प्राइस बैंड तय किया गया है। निवेशक इसमें 1000 शेयरों के लॉट में आवेदन कर सकते हैं। इस इश्यू से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने शोरूम नेटवर्क को बढ़ाने, मौजूदा आउटलेट्स के नवीनीकरण और वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में लगाएगी। कंपनी बेंगलुरु में “अंबा बजाज” ब्रांड के तहत Bajaj Auto की डीलरशिप और “अंबा एलजी बेस्ट शॉप” के तहत LG Electronics India के प्रोडक्ट्स की बिक्री करती है। इसके पास कुल 29 शोरूम और सर्विस सेंटर हैं, जो इसे एक मजबूत रिटेल नेटवर्क प्रदान करते हैं।
अंबा ऑटो की वित्तीय स्थिति भी तेजी से सुधरती नजर आ रही है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का मुनाफा केवल ₹64 लाख था, जो 2024 में बढ़कर ₹2.89 करोड़ और 2025 में ₹7.78 करोड़ हो गया। इसके साथ ही कंपनी की कुल आय भी 46% से ज्यादा की CAGR से बढ़कर ₹242.46 करोड़ तक पहुंच गई है। चालू वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में ही कंपनी ₹12.11 करोड़ का मुनाफा कमा चुकी है, जो इसके मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह एक ग्रोथ-ओरिएंटेड कंपनी के रूप में सामने आती है। कुल मिलाकर, जहां आदिसॉफ्ट टेक टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन सेक्टर में काम कर रही है, वहीं अंबा ऑटो रिटेल और ऑटोमोबाइल डीलरशिप बिजनेस में मजबूत पकड़ रखती है। निवेश का फैसला लेते समय दोनों कंपनियों के जोखिम, ग्रोथ और सेक्टर को ध्यान में रखना जरूरी होगा।





