शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार: जानिए रिकवरी की बड़ी वजहें
शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार: जानिए रिकवरी की बड़ी वजहें

शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार: जानिए रिकवरी की बड़ी वजहें
भारतीय शेयर बाजार में 28 अप्रैल को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन कुछ ही समय में बाजार ने मजबूती दिखाते हुए रिकवरी कर ली। सुबह के दबाव के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा और प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में पहुंच गए। बीएसई सेंसेक्स करीब 155 अंकों की बढ़त के साथ 77,460 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 50 भी लगभग 75 अंकों की तेजी के साथ 24,168 के स्तर तक पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय में आई जब बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू कारकों का असर देखा जा रहा था। शुरुआती गिरावट के बाद आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी रही। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी सकारात्मक धारणा बनी हुई है।
बाजार में सुधार की एक बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी की खबरें रहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कुछ शर्तों के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज क्षेत्र में तनाव कम करने की पेशकश की है। इसके अलावा अमेरिका भी बातचीत के जरिए हालात को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इन घटनाओं से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। जब अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है, तो निवेशक जोखिम लेने के लिए अधिक तैयार होते हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजारों पर देखने को मिलता है। इसी वजह से भारतीय बाजार में भी सुधार दर्ज किया गया।
इसके अलावा, बाजार में गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिसे वैल्यू बाइंग कहा जाता है। पिछले सप्ताह बाजार में आई कमजोरी के कारण कई अच्छे शेयर सस्ते दामों पर उपलब्ध हो गए थे। निवेशकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए इन शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। जब बड़े निवेशक और संस्थाएं इस तरह की खरीदारी करती हैं, तो बाजार में तेजी का माहौल बनता है। यही वजह रही कि शुरुआती दबाव के बावजूद बाजार जल्दी संभल गया। यह ट्रेंड दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है।
अमेरिका की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है। 28 और 29 अप्रैल को होने वाली इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है। अगर दरें स्थिर रहती हैं, तो भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बना रह सकता है। सेक्टर की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1% से ज्यादा की तेजी देखी गई, जबकि ऑटो, मीडिया, फार्मा और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी बढ़त में रहे। साथ ही, सेंसेक्स के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिनमें टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, टीसीएस और रिलायंस जैसे दिग्गज शामिल रहे। इन सभी कारकों के चलते बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की।





