Big News:उज्जवल दीवान का अपहरण कर जान से मारने और लूटपाट करवाने का प्रयास, दुर्ग SP विजय अग्रवाल के खिलाफ संगीन आरोप..!

दुर्ग/ ब्यूरो:- उज्जवल दीवान का अपहरण करवा कर जान से मारने का प्रयास करने और लूटपाट करवाने की शिकायत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और दुर्ग रेंज आईजीपी से किया गया है और न्याय की लगाई गुहार लगाई गई है।
छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यवाही लगातार विवादों में बनी हुई है और पुलिस की कार्यवाहियों पर लगातार शिकायतें हो रही हैं, और अब एक नया मामला सामने आ गया है, जो उज्जवल दीवान पुलिस के हक और अधिकार के लिए लड़ता है आज उसने ही दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक और उनकी बाहुबली टीम पर गम्भीर आरोप लगा दिए हैं। इससे दुर्ग पुलिस की कार्यशैली सवालों के कटघरे में खड़े हो गई है।

जानकारी मिली है कि 19/04/2026 को उज्जवल दीवान दुर्ग SP को उनके तानाशाही रवैये के कारण दुर्ग से हटवाने के लिए मुख्यमंत्री निवास तक अकेले पदयात्रा कर रहे थे, जिसके लिए उन्होंने कलेक्टर को विधिवत आवेदन भी दिया था तभी दुर्ग जिले के क्राइमब्रांच की टीम घर के पास से ही उज्जवल दीवान का पीछा करने लगी, और महिला DSP, क्राइम ब्रांच और अन्य पुलिसकर्मियों ने सुपेला चौक के थोड़े आगे जबरन उज्जवल दीवान को रोक कर, जबरदस्ती बोलेरो वाहन में बैठा कर गला दबाते हुए उनके माथे में पिस्टल टिका कर हत्या का प्रयास करते हुए लूटपाट कर रहे थे और बोल रहे थे कि तू हमारे SP साहब को हटाने के लिए उनके खिलाफ पद यात्रा कर रहा है और पहले भी हाईकोर्ट में उनके खिलाफ याचिका लगाया है तेरी औकात कैसे हुई ऐसा करने की SP साहब का आदेश है कि तुझे जिंदा नही छोड़ना है और यदि बच जाएगा तो तेरे ऊपर ऐसी धारा लगा कर जेल भेजेंगे कि तू जीवन भर जेल में सड़ जाएगा तभी अपहरणकर्ताओं को जानकारी मिली कि सड़क पर कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया है तब अपहरणकर्ता पुलिसकर्मी अपनी वाहन को तुरन्त केंद्रीय जेल दुर्ग ले गए और फिर 1 घण्टे बाद सुपेला थाना ले जा कर मनगढ़ंत कहानी बना कर झूठा 170 BNSS की धारा लगा कर जेल भेज दिए। इससे पहले भी 05/10/2025 को उज्जवल दीवान के द्वारा करवाए जाने वाले पुलिस परिवार के सम्मेलन को दुर्ग SP विजय अग्रवाल ने रोकवा दिया था जिससे पूरा पुलिस परिवार नाराज हुए था जिसकी याचिका माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में लगी हुई है और अब उज्जवल दीवान को जान से मारने की घटना हुई है। इस पूरी घटना से उज्जवल दीवान और उसका पूरा परिवार डरा हुआ है। यदि इस मामले में जरा भी सच्चाई हुई तो यह दुर्ग SP विजय अग्रवाल और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक सवालिया निशान खड़ा करेगी।





