कच्चे में डंप भसकने से प्रभावित 23 परिवारों को पक्का मकान सहित 7 अन्य सुविधाओं पर माइंस प्रबंधन की बनी सहमति ।
ग्रामीणों को 6 महीना के अंदर पक्का मकान देने का प्रबंधन ने दिया आश्वासन ।

भानुप्रतापपुर / खिलेश्वर नेताम:- भानुप्रतापपुर क्षेत्र में स्थित गोदावरी पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड द्वारा संचालित ग्राम पंचायत पर्रेकोड़ो के दफईपारा (कच्चे) डंप के भसकने से प्रभावित 23 परिवारों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। माइंस प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों को पक्का मकान सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल को खदान के पिछले हिस्सा में डंप भसकने की घटना से आसपास रहने वाले परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और माइंस प्रबंधन ने मौके का निरीक्षण कर प्रभावितों से चर्चा की।

माइंस प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सभी 23 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा, जहां उन्हें पक्के मकान, पेयजल, बिजली जैसे अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, पुनर्वास प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का भरोसा भी दिया गया है।
प्रभावित परिवारों ने इस निर्णय पर सहमति दिया है, लेकिन उन्होंने मांग की है कि पुनर्वास कार्य में देरी न हो और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन ने भी मामले की निगरानी करते हुए समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है ।

माइंस प्रबन्धक द्वारा ग्रामीणों के साथ वार्तालाप कर पक्का मकान सहित इन मुख्य बातों पर सहमति बनी है ।
1-सुरक्षा के कारण ( डंप भसकने की संभावित क्षति से बचना ) दफईपारा के 23 परिवारों को उनके ही ग्राम में दूसरे घर में शिफ्ट करेगा एवं प्रबंधक द्वारा,आवश्यक गाड़ी,मजदूर, भोजन व्यवस्था उपलब्ध कराई कराई जायेगी ।
2- स्थानान्तरित हो रहे परिवारों को नए जगह रखने के लिए घर किराया का भुगतान भी प्रबंधन द्वारा किया जाएगा ।
3- प्रत्येक परिवार लिए गुणवत्ता पूर्ण पक्का मकान,6 माह तक तैयार करके देने की पूर्ण कोशिश की जाएगी । तक मकान किराया कंपनी द्वारा भुगतान किया जाएगा।
4- 23 परिवारों के लिए जहां घर बनेगा वहां आंगनबाड़ी,प्राथमिक शाला, पेयजल टंकी, तालाब सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएगी ।
5- आवश्यक जमीन प्रबंधक द्वारा ग्राम पंचायत पर्रेकोड़ो में ही दिया जाएगा ।
6- कुल 23 परिवार के एवज में 23 परिवार के लोगों को ठेकेदारी में नियुक्त किया जाएगा,जो सरपंच द्वारा हस्ताक्षरित सूची के अनुसार नियुक्त किया जाएगा।
7- स्थानांतरण के बाद खाली शासकीय जमीन ग्राम पंचायत के अधीन रहेगा जिसका अतिक्रमण नहीं होगा ।





