नगरीय चार्ज के प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण प्रारंभ ।
नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के 15 वार्डों में 18 प्रगणक 1 मई से करेंगे मकान सूचीकरण का कार्य ।

भानुप्रतापपुर / खिलेश्वर नेताम :- कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी कांकेर के निर्देशानुसार एवं अनुविभागीय अधिकारी (रा) एवं अनुभाग जनगणना अधिकारी भानुप्रतापपुर के मार्गदर्शन में नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के नगरीय चार्ज के सभी प्रगणक एवं सुपरवायजरों का प्रशिक्षण आज संस्कार वैली स्कूल भानुप्रतापपुर में प्रारंभ हुआ। आज ग्रामीण चार्ज के बचे हुए आरक्षित प्रगणक एवं सुपरवायजरों को भी तीसरे बैच में प्रशिक्षण प्रदान किया गया । जनगणना 2027 के लिए नगरीय चार्ज भानुप्रतापपुर नगर पंचायत के 15 वार्डों में कुल 18 प्रगणक एवं इसके लिए तीन सुपरवायजर नियुक्त किये गये हैं। आज एसडीएम गंगाधर वाहिले ने प्रशिक्षण केंद्र संस्कार वैली स्कूल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उपस्थित प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से सीधा संवाद किया और प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति तथा अनुशासन की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान एसडीएम गंगाधर वाहिले ने निर्देश दिए कि सभी प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ संपन्न करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की दिशा तय करते हैं, इसलिए प्रत्येक जानकारी का सही, समयबद्ध और पारदर्शी संकलन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी सुरेंद्र उर्वशा ने बताया कि इन प्रशिक्षण सत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, डेटा संग्रहण की वैज्ञानिक विधि, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा फील्ड में कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है, ताकि हर स्तर पर कार्य गुणवत्ता पूर्ण और त्रुटिरहित रहे। मास्टर ट्रेनर्स टिकेश्वर सिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया, सटीक जानकारी संकलन के तरीके, मोबाइल ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से डेटा एंट्री, तथा नागरिकों से सहज और प्रभावी संवाद स्थापित करने के व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही स्व-गणना की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया जा रहा है, जिससे आम नागरिक इस सुविधा का लाभ उठाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियों एवं प्रक्रियाओं से भली-भांति अवगत कराया गया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर जाकर सही एवं सटीक आंकड़ों के संकलन करने,डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा जनगणना से जुड़ी तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी. आने वाली संभावित चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विशेष चर्चा की गयी. जिससे प्रतिभागी किसी भी परिस्थिति में अपने कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें. प्रशिक्षक निरंकार श्रीवास्तव और नुमेश सोनी द्वारा इस दौरान प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए जनगणना कार्य को पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करने की अपील की गयी. कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. शुद्धता एवं विश्वसनीयता अत्यंत आवश्यक है.। यह जनगणना विशिष्ट और उल्लेखनीय है क्योंकि यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों के माध्यमों से किया जाएगा जिसकी मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। प्रगणकों के द्वारा विशिष्ट मोबाइल एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए परिवारों से आंकड़ों का संग्रहण कर किया जाएगा। आगामी प्रथम चरण 01 मई से 30 मई तक होने वाले जनगणना कार्य के लिए एचएलबी ऐप के माध्यम से मकान भवनों का सूचीकरण कार्य संबंधी 34 प्रश्नों के माध्यम से कार्य पूर्ण करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद सभी सुपरवाइजर और प्रगणक अपने-अपने आवंटित एचएलबी जिसकी पूर्व में ग्राम पंचायत के सचिवों के द्वारा भवनों का नंबरिंग किया गया है में जाकर जानकारी एकत्रित कर अपने एचएलबी एप संग्रहित करेंगे। आज के प्रशिक्षण में एसडीएम गंगाधर वाहिले, चार्ज अधिकारी ग्रामीण सुरेंद्र उर्वशा, चार्ज अधिकारी नगरीय आई.एल.पटेल, मास्टर ट्रेनर्स टिकेश्वर सिंह ठाकुर, निरंकार श्रीवास्तव, नुमेश सोनी और जनगणना कार्य से अशोक ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, विकास कोमरे, नेमन साहू, द्रोण टांडिया , हितेश यादव के साथ साथ नगरीय एवं ग्रामीण चार्ज के प्रगणक सुपरवायजर उपस्थित थे।





