छत्तीसगढ़ी रैप सॉन्ग के संस्थापक “एप्पी राजा” उर्फ़ चेतन चांडक का निधन, एम्स में ली अंतिम सांस..!
लंबे समय से चल रहे थे बीमार, इलाज़ के दौरान मौत ।

कांकेर/खिलेश्वर नेताम :- “टूरा भोको लोलो” से अपनी पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़ी रैप सॉन्ग के संस्थापक संगीत जगत के लोकप्रिय रैपर, गीतकार एवं संगीतकार एप्पी राजा (चेतन चाण्डक) का निधन से पूरे छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में शोक का लहर है, इस दुःखद खबर ने संगीत प्रेमियों और उनके चाहने वालों को झकझोर कर रख दिया । मिली जानकारी के अनुसार वह काफ़ी समय से अस्वस्थ चल रहे थे जिनका इलाज रायपुर के एम्स में चल रहा था जिनका आज इलाज के दौरान मौत हो गई ।
अपनी प्रतिभा और अनूठी शैली से उन्होंने छत्तीसगढ़ी संगीत को नई पहचान दी और युवाओं के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनका जाना केवल संगीत जगत ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है।

कौन है “एप्पी राजा” उर्फ़ चेतन चांडक
एप्पी राजा का जन्म वर्ष 1994 में नवागढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से जैसलमेर (राजस्थान) के रहने वाले थे, जो बाद में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और फिर नवागढ़ आकर बस गए । बचपन में एप्पी ने दुर्ग में बिताए और वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई।
वर्ष 2002 के बाद उनका परिवार भानुप्रतापपुर (कांकेर) आकर रहने लगा, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं होने के बावजूद एप्पी रोजाना भानुप्रतापपुर से कांकेर तक पढ़ाई के लिए आते-जाते थे। पढ़ाई से लेकर रैप की दुनिया तक
कांकेर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही एप्पी राजा ने कक्षा 7वीं में अपना पहला रैप लिखा था। 11वीं कक्षा के दौरान उनके पिता को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई फिर भी उनके द्वारा संघर्ष जारी रहा ।
पंजाब से मिला था पहला बड़ा मौका
वर्ष 2015 में पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी ने उनका रैप सुनकर उन्हें रिकॉर्डिंग का मौका दिया था। यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली। संघर्ष और मेहनत के दम पर एप्पी राजा ने खुद को छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित रैप कलाकारों में शामिल किया।
उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसक, कलाकार और संगीत प्रेमी उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है, छत्तीसगढ़ी संगीत जगत ने अपनी एक लोकप्रिय और युवा आवाज खो दी है।





