437 बैटरी खपाने वाले आरोपी अंकित जैन को बचाने की पूरी कोशिशें नाकाम, जमानत मिलते ही आमाबेड़ा पुलिस ने दबोचा…!
इसी मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार,लेकिन अंकित जैन को बचाने की गई थी पूरी प्रयास :- सूत्र

कांकेर / खिलेश्वर नेताम:- कांकेर जिले में पिछले छह महीनों से लगातार हो रही मोबाइल टावरों की बैटरी चोरी के मामलों में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस संगठित गिरोह में कंपनी के कर्मचारी, पिकअप चालक, कबाड़ी और व्यापारी तक शामिल हैं। मार्च से जून 2026 के बीच जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 437 बैटरियां चोरी हुईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, कंपनी के कुछ कर्मचारी अपनी चाबी से मोबाइल टावरों के कैबिनेट खोलकर बैटरियां निकालते थे। इसके बाद बैटरियों को पिकअप वाहन के माध्यम से कबाड़ियों और व्यापारियों को बेच दिया जाता था।
जानकारी के अनुसार बैटरी चोरी मामले में जिला के अलग – अलग थानों में FIR दर्ज है और अब तक 7 आरोपीयों को पुलिस ने हिरासत में लिया है,लेकिन चोरी की बैटरी खपाने वाला दल्लीराजहरा के बड़े व्यापारी और मधुबन ज्वेलर्स एवं जनरल स्टोर संचालक के पुत्र अंकित जैन की गिरफ्तारी बाकी थी लेकिन अब आमाबेड़ा पुलिस ने किया गिरफ़्तार कर लिया है ।
कई थानों में मामला दर्ज लेकिन रावघाट पुलिस ही मुख्य आरोपी तक पहुंच सकी
मिली जानकारी के अनुसार कांकेर जिला सौर अन्य जी सहित के अब तक 6 से अधिक थाना में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज है लेकिन सिर्फ रावघाट पुलिस ही चोरी की बैटरी खपाने वाले आरोपी अंकित जैन के ठिकानों तक पहुंच सकी । इस मामला को लेकर आरोपी को नोटिस जारी होने के बाद 28 जून को रावघाट थाना पहुंचा और उसका पहला अपराध बताकर छोड़ दिया..जबकि इसी मामला में 7 और आरोपी पुलिस की हिरासत में है ।
9 जुलाई को हुई थी सिविल कोर्ट में चार्ज शीट पेश
इस मामला को लेकर कल 9 जुलाई को भानुप्रतापपुर के सिविल कोर्ट में चार्ज शीट पेश किया गया था, जहां अंकित जैन को जेल होनी थी लेकिन कोर्ट ने जमानत दे दी और आरोपी को बचाने की पूरी कोशिश की गई । इस मामले के आरोप के खिलाफ IPC की धारा 303 (2),112 (2) सहित 4 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है ।
कोर्ट से जमानत के तुरंत बाद गिरफ्तार करने की तैयारी में थी आमाबेड़ा पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार इसी मामला में आमाबेड़ा थाना में भी आरोपी के खिलाफ़ मर्ग कायम था, और लगातार जांच रही थी इसी बीच जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया और उसको जमानत भी दे दी गई लेकिन आमाबेड़ा पुलिस आरोपी को अपने हिरासत में ले ली है,,,,कल यानि 9 जुलाई को कोर्ट से जमानत और आमाबेड़ा पुलिस की मौजूदगी की खबर मिलते ही आरोपी की तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसकी इलाज अभी भी भानुप्रतापपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है,,, पुलिस के अनुसार तबियत ठीक होते ही जेल भेज दिया जाएगा ।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने आरोपी के स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा
भानुप्रतापपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे आरोपी के इलाज को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि प्राथमिक जांच में किसी भी प्रकार की बड़ी बीमारी नहीं होने की बातें सामने नहीं आई है.. सब रिपोर्ट सामान्य है सीना में दर्द की बात भी सामने आई है लेकिन एक्स रे रूम में ले जाया गया था लेकिन चक्कर आने से गिर गया और एक्स रे नहीं हो पाई…।

अब इन सब बातों को देखते हुए मामला संदेहास्पद लगने लगा है और कई सवाल खड़े हो रहे है,मामला में आरोपी के जमानत तक सब कुछ ठीक था लेकिन जैसे ही दूसरी पुलिस की मौजूदगी की खबर मिली और आरोपी की तबीयत बहुत ज्यादा ख़राब होने लगा…और जब तबियत ज्यादा ख़राब है तो जिला अस्पताल में दाखिला कराई जानी थी….आखिर किस चीज का इंतजार किया जा रहा है….ये सबसे बड़ा सवाल है ?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी के परिजन इलाज के लिए राजनांदगांव ले जाने की इच्छा जताई थी लेकिन कांकेर पुलिस ने कांकेर में ही इलाज कराने की बात कही है l
आरोपी की हाई प्रोफाइल ड्रामा पूरी रात चलती रही और पुलिस रात भर अस्पताल परिसर में तैनात रही ।

आरोपी अंकित जैन को बचाने की गई थी पूरी प्रयास
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को बचाने की पूरी प्रयास की गई लेकिन कानून के आगे सब फीका पड़ गया…आंतरिक सूत्रधारों के अनुसार पुलिस थाने में भी पैसा लेन देन करने की बात हुई थी लेकिन मामला कई थानों में होने के कारण सेटिंग वाला फॉर्मूला काम नहीं आया । हालांकि पुलिस विभाग से इस मामला पर अभी तक बयान (प्रेस कॉन्फ्रेस) जारी नहीं किया गया अभी भी इस मामला में कई जानकारी सामने आ सकते है ।
इस पूरे मामला में कोर्ट से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक भानुप्रतापपुर की स्थानीय मीडिया अपनी पैनी नज़र बनाए रखी है ।
आरोपी के परिजन से बात करते रावघाट थाना प्रभारी





