दिल्ली से बस्तर तक “पेपर लीक को लेकर हल्लाबोल, भानुप्रतापपुर में भी छात्राओं ने किया जोरदार प्रदर्शन”…!
छात्रों ने कहा- "दिन-रात की मेहनत को नीलाम कर रहे माफिया ।

भानुप्रतापपुर / खिलेश्वर नेताम :- देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों और राजधानी दिल्ली में प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा किए जा रहे अनशन के समर्थन में सोमवार को भानुप्रतापपुर के युवाओं और छात्र-छात्राओं ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है, दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद भवन तक निकाले जा रहे ‘संसद मार्च’ की गूंज अब बस्तर के इस अंचल में भी साफ तौर पर सुनाई दे रही है, भानुप्रतापपुर क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्थानीय भानुप्रतापपुर कॉलेज से एक विशाल आक्रोश रैली निकाली, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य चौक पर पहुंची, जहां एक विशाल प्रदर्शन और सभा का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं में देश की शिक्षा व्यवस्था और बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला. ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ‘लड़ेंगे… जीतेंगे…’ के गगनभेदी नारों के साथ युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, छात्रों ने कहा कि दिन-रात एक कर कड़ी मेहनत करने वाले छात्र-छात्राओं के सपनों की सरेआम नीलामी की जा रही है, और पेपर लीक माफिया युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल रहे हैं, दिल्ली से लेकर भानुप्रतापपुर तक अब एक ही ललकार है कि सरकार को छात्रों के जायज हक में झुकना ही होगा। छात्रों ने अंत में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने नीट और नेट जैसी परीक्षाओं में हुई धांधली पर तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर और उग्र किया जाएगा।
प्रबुद्ध जनों का मिला समर्थन, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
इस बड़े आंदोलन को क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी भरपूर सहयोग मिला, चंद्रमौली मिश्रा, हरेश चक्रधारी और धर्मेंद्र यादव ने कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल होकर युवाओं के इस संघर्ष को अपना खुला समर्थन दिया, उन्होंने भी युवाओं के सुर में सुर मिलाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हुंकार भरी. मुख्य चौक पर आयोजित सभा के बाद छात्र-छात्राओं की यह विशाल रैली अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंची. चूंकि एसडीएम उपलब्ध नहीं थे, इसलिए छात्रों ने नयाब तहसीलदार भानुप्रतापपुर को भारत के माननीय राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल के नाम एक विस्तृत लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें
उच्च स्तरीय न्यायिक जांच: नीट पेपर लीक मामले की एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उच्च स्तरीय निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए ताकि सभी दोषियों को कठोरतम सजा मिल सके।
नैतिक जिम्मेदारी और इस्तीफा: परीक्षा संचालन में हुई इतनी बड़ी प्रशासनिक और नैतिक विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अविलंब अपने पद से त्याग-पत्र दें।
सुरक्षित राष्ट्रीय प्रोटोकॉल का निर्माण: भविष्य में ऐसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एक अचूक व सुरक्षित राष्ट्रीय प्रोटोकॉल बनाया जाए, जिससे किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय न हो।
आक्रोशित छात्र नेताओं के तीखे प्रहार
आज मैं किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करने यहां नहीं खड़ी हूं, बल्कि मेरा सीधा सवाल सरकार से और इस भ्रष्ट परीक्षा प्रणाली से है. नीट पेपर लीक के सदमे के कारण देश में 20 से अधिक बच्चों ने आत्महत्या कर लिया है, उनकी मौतों का जवाबदेह कौन है? शिक्षा व्यवस्था में फैली इस भारी अनियमितता को सरकार को देखना ही होगा और हमारी मांगों को पूरा करना होगा।
— भूमिका कोरेटी, छात्र नेता
हम इस आंदोलन के माध्यम से प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के सत्याग्रह के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं. हमारी लड़ाई लंबी हो सकती है और भले ही हमारी जीत धीरे-धीरे मिले, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि जीत अंततः हमारी यानी छात्रों की ही होगी।
— कुमारी अर्चना चुरेंद्र, छात्र नेता
“देश में चल रही पेपर लीक की यह बीमारी अब छात्रों के लिए एक गंभीर और जानलेवा समस्या बन चुकी है. हम छात्र साल-साल भर जी-तोड़ मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, परीक्षा दिलाते हैं और बाद में पता चलता है कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था. यह स्थिति युवाओं को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर रही है. कहीं न कहीं इसमें सरकार की भी मिलीभगत नजर आती है, जिसने पेपर लीक को अपनी कमाई का जरिया बना दिया है।
— अजय उसेंडी, छात्र
मैं दिल्ली में पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का पूरा समर्थन करता हूं, आज दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद भवन तक पैदल मार्च निकाला जा रहा है, और इस निकम्मी सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए आज भानुप्रतापपुर में यह एकजुटता दिखाई गई है।
— ईश्वर गावड़े, छात्र नेता
आज का युवा ही इस देश का वास्तविक भविष्य है. लेकिन यह कितनी शर्मनाक बात है कि एक नहीं, बल्कि तीन-तीन बार नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है. शिक्षा को पूरी तरह से व्यापार बना दिया गया है. इस घोर विफलता के बाद राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
— सितेश हिडको, युवा छात्र नेता

छात्र यूनियन की एकजुटता
इस बड़े आंदोलन का कुशल नेतृत्व भानुप्रतापपुर महाविद्यालय के छात्र यूनियन की ओर से प्रमुख छात्र नेताओं द्वारा किया गया. प्रदर्शन में मुख्य रूप से सितेश हिड़को, बीरेन्द्र टेकाम, मानसिंह नरेटी, नारद नरेटी, ईश्वर गावड़े, अनुराग शर्मा, आयुष जायसवाल, योगेश यादव, सुमित साहू, राजकुमार, कुमारी अर्चना चुरेंद्र, भूमिका कोरेटी, दीपेश मांडवी, अजय दुग्गा, अजय उसेंडी, पंकज उइके, रूपेश दर्रो, राजीव उसेंडी, सूर्यकांत नरेटी, कँवल सिंह नरेटी, संजय पुद्दो, गुलशन केराम सहित भानुप्रतापपुर क्षेत्र के समस्त महाविद्यालयीन व स्कूली छात्र-छात्राएं भारी संख्या में उपस्थित रहे।





